परिचय :
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP–2020) उच्च शिक्षा संस्थानों में उच्च गुणवत्ता शोध, नवाचार, अंतरविषयक शोध एवं सामाजिक उपयोगिता आधारित ज्ञान उत्पादन को बढ़ावा देने पर बल देती है। इसी परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी Guidelines for Establishment of Research & Development Cell In Higher Education Institutions (2022) के अनुसार विश्वविद्यालयों में एक ऐसा तंत्र आवश्यक है जो-
-
बहु-विषयक और अंतर-विषयक शोध को सशक्त बनाए,
-
शोधकर्ताओं को अनुकूल अवसंरचना एवं संसाधन प्रदान करें,
-
उद्योग–अकादमी–सरकार–समाज के साथ सहयोग स्थापित करें,
-
शोध नैतिकता, गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करें।
इस संदर्भ में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देश के अनुरूप, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में शोध एवं विकास प्रकोष्ठ (Research & Development Cell – RDC) की स्थापना की गई है। शोध एवं विकास प्रकोष्ठ (RDC) विश्वविद्यालय की शोध नीति, शोध संस्कृति, क्षमता निर्माण, शोध वित्तपोषण तथा अनुसंधान निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत मंच प्रदान करता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 उच्च शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा देने की परिकल्पना करती है। उच्च शिक्षा संस्थानों (HEI) द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए अनुसंधान और नवाचार महत्त्वपूर्ण पहलू हैं। हमारे देश की सामाजिक चुनौतियों का समाधान अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास पर जोर देने के साथ एक मजबूत और जीवंत उच्च शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा ही किया जा सकता है। अनुसंधान, नवाचार का एकीकरण और प्रौद्योगिकी विकास आत्मनिर्भर भारत की नींव है। उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ (RDC) की स्थापना आत्म-निर्भर भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम बनाएगी और NEP 2020 में अनिवार्य बहु-विषयक/अंतर-विषयक और अनुवादात्मक अनुसंधान संस्कृति को उत्प्रेरित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।