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Amrit Udyan Winter Annuals Edition 2026



विश्वविद्यालय में जल आपूर्ति की समस्या को देखते हुए वर्धा मुख्यालय में समस्त विभागों की कक्षाएं सम्मिश्र पद्धति से संचालित की जाएंगी।



लिखित/आंतरिक पूरक परीक्षा आवेदन प्रपत्र भरने संबंधी सूचना



शोधार्थी श्री महेंद्र सिंह लोधी को पीएच.डी. उपाधि प्रदान किए जाने की अधिसूचना



हिंदी विश्वविद्यालय के रिद्धपुर केंद्र पर मराठी भाषा गौरव दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

हिंदी विश्वविद्यालय में मनाया मराठी भाषा गौरव दिवस



संशोधित समय-सारणी (सत्र : 2025-26) : फ़िल्म अध्ययन विभाग, झूंसी (प्रयागराज)



हिंदी विश्वविद्यालय में विकसित भारत युवा संसद आयोजित



छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के उपलक्ष्य में मराठी फिल्म ‘जयंती’ के प्रदर्शन के संबंध में।



शोध परियोजना में अस्थायी नियुक्ति हेतु रोजगार सूचना के संबंध में।



हिंदी विश्वविद्यालय ने स्‍वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर का किया अभिवादन



वंदे मातरम् के उद्घोष ने समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वदेश की भावना पहुंचाई : प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी

दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ समापन

वंदे मातरम् के सामाजिक एवं सांस्कृतिक अवबोधपर हुआ सार्थक विमर्श

वर्धा, 26 फरवरी 2026: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय एवं भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन गुरुवार, 26 फरवरी को कस्तूरबा सभागार में हुआ। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी ने विषय की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को रेखांकित करते हुए कहा कि भू-सांस्कृतिक यात्रा के क्रम में ‘वंदे मातरम्’ को कई बार खंडित रूप में प्रस्तुत किया गया। इसके उद्घोष ने समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वदेश की भावना पहुंचाई। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यहां मूल स्रोतों के आधार पर चर्चा हुई और तथ्यों ने स्वयं अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संगोष्ठी का विषय ‘वंदे मातरम् के सामाजिक एवं सांस्कृतिक अवबोध’ रहा, जबकि प्रदर्शनी ‘वंदे मातरम् की सांगीतिक यात्रा’ शीर्षक से आयोजित की गई जो अभी कुछ दिनों तक आयोजित रहेगी। 



शोधार्थी सुश्री एकता जैन को पीएच.डी. उपाधि प्रदान किए जाने की अधिसूचना के संदर्भ में ।



दिनांक 09 से 14 मार्च, 2026 तक अंतर विद्यापीठ खेल प्रतियोगिता 2026 हेतु समिति का गठन।


छठवाँ दीक्षांत समारोह-2026 हेतु पंजीकरण की तिथि बढ़ाने के संबंध में अधिसूचना।


छठवाँ दीक्षांत समारोह-2026 हेतु पंजीकरण की तिथि बढ़ाने के संबंध में अधिसूचना।



हिंदी विश्वविद्यालय में मराठी भाषा गौरव दिवस शुक्रवार को

वर्धा, 26 फरवरी 2026: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में शुक्रवार 27 फरवरी को मराठी भाषा गौरव दिवस समारोह का आयोजन अपराह्न 4 बजे ग़ालिब सभागार में आयोजित किया जाएगा। मराठी साहित्य विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रसंत तुकड़ोज़ी महाराज नागपुर विद्यापीठ के अंतर्गत रेणुका महाविद्यालय के मराठी विभाग की प्रो. डॉ. प्रेमा लेकुरवाळे का 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति और मराठी का भविष्य विषय पर विशेष व्याख्यान होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा करेंगी। स्वागत भाषण साहित्य विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार देंगे। कार्यक्रम के संयोजक साहित्य विद्यापीठ के अंतर्गत मराठी साहित्य विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. संदीप सपकाले एवं सहायक प्रोफेसर डॉ. शैलेश कदम होंगे। इस अवसर पर उपस्थित रहने की अपील विश्वविद्यालय की ओर से की गई है।



हिंदी विश्वविद्यालय के रिद्धपुर केंद्र का आयोजन मराठी भाषा गौरव दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी शुक्रवार को

वर्धा, 26 फरवरी 2026 : महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के सर्वज्ञ श्री चक्रधर स्वामी मराठी भाषा तथा तत्वज्ञान अध्ययन केंद्र, रिद्धपुर, अमरावती द्वारा मराठी भाषा गौरव दिवस पर ‘अभिजात मराठी भाषा व साहित्य : धरोहर और संवर्धन’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 27 फरवरी को किया जा रहा है ।



ऐच्छिक विषय चयन हेतु संशोधित सूची के संदर्भ में।


हिंदी विश्‍वविद्यालय में ‘वंदे मातरम् के सामाजिक एवं सांस्‍कृतिक अवबोध’
विषय पर राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी एवं प्रदर्शनी का हुआ उद्घाटन

वंदे मातरम् मातृभूमि के समर्पण का गीत है : प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे

वर्धा, 25 फरवरी 2026 : राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, नई दिल्ली के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे ने कहा कि संपूर्ण वंदे मातरम् हमारी सभ्यता, संस्कृति और संस्कार का गीत है। यह हजारों लोगों के बलिदान का गीत है। वंदे मातरम् गीत अपनी मातृभूमि के प्रति समर्पण का गीत है। प्रो. मराठे महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा एवं भारतीय उच्‍च अध्‍ययन संस्‍थान, शिमला के संयुक्‍त तत्त्वावधान में फिल्‍म अध्‍ययन विभाग क्षेत्रीय केंद्र, प्रयागराज द्वारा वंदे मातरम् के सामाजिक एवं सांस्कृतिक अवबोध विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्‍य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्‍यक्षता विश्‍वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने की। इस अवसर पर भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला के निदेशक प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी, इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय कला केंद्र के सदस्‍य सचिव प्रो. सच्चिदानंद जोशी एवं विश्‍वविद्यालय के कुलसचिव क़ादर नवाज़ खान मंचासीन थे। 25-26 फरवरी इन दो दिवसीय राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी का उद्घाटन कस्‍तूरबा सभागार में बुधवार, 25 फरवरी को किया गया।


दिनांक 09 से 14 मार्च, 2026 तक अंतर विद्यापीठ खेल प्रतियोगिता 2026 के संबंध में।


अंतर विद्यापीठ खेल प्रतियोगिता 2026 के संबंध में सूचना

नियमावली 

आवेदन प्रत्र  


दिनांक 09 से 14 मार्च, 2026 तक अंतर विद्यापीठ खेल प्रतियोगिता 2026 के संबंध में।


अंतर विद्यापीठ खेल प्रतियोगिता 2026 के संबंध में सूचना

नियमावली 

आवेदन प्रत्र  



संशोधित समय-सारणी (सत्र : 2025-26) : हिन्दी साहित्य विभाग

संशोधित समय-सारणी (सत्र : 2025-26) : वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग



श्री शिशिर कुमार के पुन:पंजीकरण के संबंध में



शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों हेतु स्‍वास्‍थ्‍य बिमा कार्ड के संबंध में सूचना



हिंदी विश्वविद्यालय ने मनाया अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस



हिंदी विश्‍वविद्यालय में बेल्जियम के लेओ वन का हुआ व्‍याख्‍यान



फ्रांसीसी में स्‍नातक (सत्र : 2024-28) प्रथम सेमेस्‍टर (पूरक)



समय-सारिणी (सत्र : 2025-26) संशोधित : स्नातक फ्रांसीसी



मेरा युवा भारत के अंतर्गत अंतर जिला युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का हुआ उद्घाटन



समय-सारिणी (सत्र : 2025-26) संशोधित : अनुवाद अध्‍ययन विभाग



समाजशास्त्र विभाग के एम.ए. चतुर्थ छमाही (2024-26) के विद्यार्थियों के लघु शोध प्रबंध हेतु मार्गदर्शक नामित किए जाने के संबंध में।



छठवाँ दीक्षांत समारोह अधिसूचना-2026

पंजीयन लिंक : छठवाँ दीक्षांत समारोह-2026



राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति पर पुनश्‍चर्या कार्यक्रम (Refresher Programme, दिनांक : 09-20 मार्च, 2026)

राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति पर पुनश्‍चर्या कार्यक्रम (Refresher Programme, दिनांक : 13-24 मार्च, 2026)



समय-सारिणी (सत्र : 2025-26) : मराठी साहित्‍य विभाग, साहित्य विद्यापीठ



एम. ए. समाजशास्‍त्र (सत्र : 2024-26) प्रथम सेमेस्‍टर (पूरक)

एम. ए. दर्शनशास्‍त्र (सत्र : 2024-26) प्रथम सेमेस्‍टर (पूरक)

बी.ए. (ऑनर्स) (सत्र : 2021-24) पंचम सेमेस्‍टर (पूरक)

बी.ए. (ऑनर्स) (सत्र : 2021-24) तृतीय सेमेस्‍टर (पूरक)

बी.ए. (ऑनर्स) (सत्र : 2021-24) प्रथम सेमेस्‍टर (पूरक)



विश्‍वविद्यालय में वर्ष 2026 हेतु राजपत्रित एवं वैकल्पिक अवकाश।


हिंदी शिक्षण अधिगम केंद्र

निदेशक का संदेश

विश्वविद्यालय में हिंदी शिक्षण अधिगम केंद्र की स्थापना हिंदी को अधिकाधिक उपयोगी एवं प्रासंगिक बनाने और उसके संवर्धन व विकास हेतु विविध आयामी कार्यक्रमों तथा उपक्रमों को संचालित करने के लिए की गई है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय भाषा के साथ ही अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में हिंदी की भूमिका को प्रकाशित करने एवं प्रवासी भारतीयों के बीच अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में हिंदी को विकसित करना भी है। संसार के प्रत्येक भू-भाग में रहने वाले भारतवंशी अपनी साझी विरासत की भाषा के रूप में हिंदी के महत्व को स्वीकार करते हुए उसे उपयुक्त एवं प्रासंगिक बनाए रखने के लिए कृतसंकल्प हो सकें, केंद्र इस दिशा में भी सार्थक प्रयास हेतु संकल्पबद्ध है।

भारत के लिए हिंदी मात्र एक भाषा न होकर उसकी अस्मिता की पहचान है, जड़ों से जुड़ने की सार्थक कोशिश है। हिंदी भाषा के प्रति देश में अनन्य आकर्षण है। विविध-आयामी संस्थाओं, विद्यालयों, परिषदों, आयोगों, संघों, धार्मिक प्रतिष्ठानों, न्यायालयों, अस्पतालों आदि में हिंदी के नियमित प्रयोग को प्रोत्साहन देना हमारा अभीष्ट है। संपूर्ण देश में हिंदी सिनेमा, गीतों-गजलों व भजनों आदि का हिंदी में प्रयोग-उपयोग इसका प्रमाण है।

हिंदी के प्रचार-प्रसार, विकास व सम्मान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हिंदी सेवियों की एक लंबी सूची है, जो संपूर्ण विश्व में हिंदी को समृद्ध करने में लगे हैं। हिंदी को विश्व भाषा बनाने में उन प्रवासी भारतीयों का प्रमुख योगदान है, जो व्यापार अथवा मजदूरी के लिए दूसरे देशों में गये लेकिन जिन्होंने वहाँ अपनी संस्कृति और भाषा को कभी विस्मृत नहीं होने दिया। इसके अतिरिक्त बहुत सारे विदेशी विद्वानों ने भी हिंदी के संवर्धन एवं विकास में अपना बहुमूल्य योग दिया है। अत: इन सभी तथ्यों के आलोक में कार्यक्रमों की योजना बनाना और तदनुसार उसे क्रियान्वित करना केंद्र का लक्ष्य है, जिसे प्राप्त करने हेतु यह निरंतर अग्रसर है।

केंद्र का उद्देश्य

हिंदी शिक्षण अधिगम केंद्र (TLCHS) के उद्देश्‍य निम्‍नलिखित कार्यक्रमों/ योजनाओं का क्रियान्‍वयन करना है-

  • हिंदी शिक्षण के पाठ्यक्रम/ पाठ्यचर्या संरचना/ रूपरेखा के विकास संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी शिक्षण हेतु पाठ्यक्रम संरचना में प्रतिमानात्‍मक बदलाव के आलोक में मूल्‍यांकन पद्धति के विकास संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी शिक्षण में पाठ्यक्रम ढाँचे/ संरचना के विकास के अनुरूप वैकल्पिक शिक्षा वैज्ञानिक अंत:क्षेपों (Pedagogic interventions) को स्‍पष्‍ट करने संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी शिक्षण हेतु शिक्षण-अधिगम सामग्री के विकास संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी शिक्षण के लिए पाठ्य पुस्‍तक/ पुस्तिका के विकास से संबंधित कार्यक्रम।
  • क्षेत्रीय/ प्रादेशिक भाषाओं में/ से मूलपाठ के अनुवाद हेतु कार्यक्रम।
  • हिंदी तथा भाषा वैज्ञानिक शिक्षण से संबंधित शोध के प्रोत्‍साहन हेतु संसाधनों, संदर्भ सेवा, इलेक्‍ट्रानिक डाटाबेस के भण्‍डारण तथा ई-सामग्री के विकास से संबंधित कार्यक्रम।
  • हिंदी शिक्षण के प्रोत्‍साहन हेतु अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर विश्‍वविद्यालयों, महाविद्यालयों, उच्‍च शिक्षा केंद्रों का संजाल/ समूह विकसित करने संबंधी बहुआयामी कार्यक्रम।
  • हिंदी में पाठ्य पुस्‍तकों के विकास एवं निर्माण संबंधी कार्यक्रम।
  • सृजनात्‍मक लेखन के लिए पाठ्यक्रम निर्माण व विकास संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी एवं कला, हिंदी एवं हिंदी साहित्‍य, हिंदी एवं भारतीय संस्‍कृति के साथ ही अन्‍य विषयों पर शोध संबंधी कार्यक्रम।
  • हिंदी में संदर्भ कोश/ पारिभाषिक कोश/ प्रासंगिक कोश के विकास हेतु कार्यक्रम।